कन्या भ्रूण हत्या को कैसे रोकें?
फ़िर अखबार में एक लेख पढ़ा इस विषय पर।

परिवार भारतीय समाज का केन्द्र बिन्दु है. परिवार भारतीय सामजिक व्यवस्था का आधार है. अगर परिवार मजबूत नहीं होंगे तो समाज मजबूत नहीं होगा. परिवार टूटेंगे तो समाज भी टूट कर बिखर जायेगा. एक ऐसी असामाजिक व्यवस्था जन्म लेगी जो मनुष्य को फ़िर से जंगल के कानून का गुलाम बना देगी. यह आवश्यक है कि हम सब मिल कर परिवारों के सशक्तिकरण का प्रयास करें.
4 comments:
ha aap sahi kah rhe hai. pata nhi logo ko ye samjh kyo nahi aata.
कन्या भ्रूण की हत्या के फलस्वरूप आनेवाले समय में परिस्थितियों में जो गड़बडत्री आएगी , उसका शायद किसी को अंदाजा नहीं। इसलिए तो वे इस तरह के कदम उठाते हैं।
इस को रोकने का एक आचूक ढंग...
जो डा० ऎसा करे उसे फ़ांसी , जो अपने बच्चे(कन्या भ्रूण की हत्या करे उसे भी फ़ांसी... दो बार ऎसा हो जाये फ़िर देखो को करता हे यह जुरम
धन्यवाद
इस प्रकार के कदम इसलिये उठाये जाते हैं, क्यों कि हम केवल वैयक्तिक स्तर पर सोचते हैं परिवार व समाज के प्रति सम्मान व उत्तरदायित्वों को नजर अन्दाज करते हैं. परिवार व समाज को चिन्तन का आधार बनाकर ही सुधार हो सकता है.
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